- Jai Narayan Sharma
- Oct 27, 2025
pitra dosh
पिता पुत्र संबंध
सूर्य-राहु युति - अगर कुंडली में सूर्य और राहु एक साथ हों, तो पिता का स्वभाव कठोर हो सकता है। ऐसे पिता संतान की भावनाओं को नहीं समझते, जिससे संबंधों में कड़वाहट आ सकती है।
सूर्य-शनि का संयोग: शनि ग्रह अनुशासन और कर्म का कारक है। यदि सूर्य और शनि एक ही भाव में हों, तो यह पिता और पुत्र के बीच अहंकार और टकराव को जन्म देता है।
नवम भाव में शनि की अशुभ स्थिति: यदि शनि नवम भाव में हो और कमजोर अवस्था में हो, तो संतान अपने पिता के प्रति कृतज्ञता महसूस नहीं करती। वह पिता की हर बात का विरोध कर सकती है।
पितृ दोष: कुछ विशेष योगों में यदि नवम भाव पर पितृ दोष हो, तो संतान पिता से दूर हो जाती है और दोनों के बीच बातचीत तक बंद हो सकती है ।
jay sharma
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